हदीस अल-रसूल ﷺ

عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ ، عَنِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ، قَالَ : يَا نِسَاءَ الْمُسْلِمَاتِ ، لَا تَحْقِرَنَّ جَارَةٌ لِجَارَتِهَا وَلَوْ فِرْسِنَ شَاةٍ(بُخاری شریف: ۲۵۶۶)
अनुवाद
नबी करीम (ﷺ) ने फ़रमाया: "ऐ मुसलमान औरतो! हरगिज़ कोई पड़ोसन अपनी दूसरी पड़ोसन के लिए (मामूली हदिया को भी) हक़ीर न समझे, ख़्वाह वह बकरी का खुर ही क्यों न हो।"
ज्ञान में मग्न रहने की अद्भुत और दिलचस्प घटनाएँ
लेख

ज्ञान में मग्न रहने की अद्भुत और दिलचस्प घटनाएँ

सल्फ़-ए-सालिहीन (नेक पूर्वजों), मुहाद्दिसीन (हदीस के विद्वानों) और फ़ुक़हा (शरिया कानून के विशेषज्ञों) पर इल्म (ज्ञान) में व्यस्त रहने का किस कदर ग़लबा (असर) था, इसका कुछ अंदाज़ा नीचे दी गई अजीब-ओ-ग़रीब और दिलचस्प घटनाओं से लगाया जा सकता है: (१) इमाम अबू अल-अब्बास मुहम्मद बिन यक़ूब अल-असम के बारे...

ट्रेंडिंग न्यूज़

सभी समाचार