हदीस अल-रसूल ﷺ

عَنْ رَسُولِ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ: الْعَائِدُ فِي هِبَتِهِ، كَالْكَلْبِ يَقِيءُ، ثُمَّ يَعُودُ فِي قَيْئِهِ(مسلم: ۱۶۲۲)
अनुवाद
हज़रत इब्ने अब्बास रज़ियल्लाहु अन्हुमा ने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से रिवायत की, आपने फरमाया: "अपना हिबा वापस लेने वाला कुत्ते की तरह है जो क़ै करता है, फिर अपनी क़ै की तरफ लौटता है।"
भविष्य में लोग तरावीह में क्या पढ़ेंगे?
लेख

भविष्य में लोग तरावीह में क्या पढ़ेंगे?

मुअतसिम बिल्लाह के बाद उनका बेटा वासिक़ बिल्लाह 227 हिजरी में राजसिंहासन (ताज-ओ-तख़्त) का वारिस बना। वह गुमराह करने वाले विचारों और अक़ीदों का मालिक था और मोतज़ली (Mu'tazilite) अक़ीदों, विशेष रूप से 'ख़ल्क़-ए-क़ुरआन' (क़ुरआन के मख़्लूक़ होने) के अक़ीदे के प्रचार-प्रसार में अपने बाप से भी आगे बढ़ गया...

ट्रेंडिंग न्यूज़

सभी समाचार