عَنْ رَسُولِ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ: الْعَائِدُ فِي هِبَتِهِ، كَالْكَلْبِ يَقِيءُ، ثُمَّ يَعُودُ فِي قَيْئِهِ(مسلم: ۱۶۲۲)
अनुवाद
हज़रत इब्ने अब्बास रज़ियल्लाहु अन्हुमा ने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से रिवायत की, आपने फरमाया: "अपना हिबा वापस लेने वाला कुत्ते की तरह है जो क़ै करता है, फिर अपनी क़ै की तरफ लौटता है।"