हज़रत उस्मान (रज़ि.) ने फ़रमाया कि रसूलल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया: "जो शख़्स मर गया और वह (यक़ीन के साथ) जानता था कि अल्लाह तआला के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं, वह जन्नत में दाख़िल होगा।"
लीसेस्टर (ब्रिटेन) में उलेमा-ए-किराम (विद्वानों) की एक महफ़िल में एक बार हज़रत मौलाना शाह अबरारुल हक़ हरदोई साहब (रहमतुल्लाह अलैह) ने फ़रमाया:
"मान लीजिए कि इंडिया के किसी गांव में किसी भारी शरीर वाले व्यक्ति का देहांत (انتقال) हो गया। जून-जुलाई की भीषण गर्मी हो, क़ब्रिस्तान कई किलोमीटर की दूरी...