عَنْ عِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ، قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: لَا تَزَالُ طَائِفَةٌ مِنْ أُمَّتِي يُقَاتِلُونَ عَلَى الْحَقِّ ظَاهِرِينَ عَلَى مَنْ نَاوَأَهُمْ حَتَّى يُقَاتِلَ آخِرُهُمُ الْمَسِيحَ الدَّجَّالَ(ابو داؤد شریف : ۲۴۸۴)
अनुवाद
हज़रत इमरान बिन हुसैन (रज़ि.) का बयान है, रसूलल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया: "मेरी उम्मत का एक गिरोह हमेशा हक़ के लिए क़िताल करता रहेगा और वह अपने मुक़ाबिल आने वालों पर ग़ालिब रहेंगे हत्ता कि उनका आख़िरी गिरोह मसीह दज्जाल से लड़ाई करेगा।"