हदीस अल-रसूल ﷺ

عَنْ زَيْدِ بْنِ خَالِدٍ الْجُهَنِيِّ، قَالَ:‏‏‏‏ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ:‏‏‏‏ مَنْ جَهَّزَ غَازِيًا فِي سَبِيلِ اللَّهِ أَوْ خَلَفَهُ فِي أَهْلِهِ، ‏‏‏‏‏‏فَقَدْ غَزَا(ترمذی:۱۶۲۹)
अनुवाद
रसूलल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया: "जिसने किसी मुजाहिद का सफ़र का सामान तैयार किया, या उसके घर वाले की ख़बरगीरी की हक़ीक़त में उसने जिहाद किया।"
शैतान के फ़रेब के छह दरजात (चरण)
लेख

शैतान के फ़रेब के छह दरजात (चरण)

अल्लामा बद्रुद्दीन बिन शिबली अपनी मशहूर किताब "आकामुल मुर्जान फी अहकामिल जान" में नक़्ल करते हैं कि शैतान-ए-लईन (शापित शैतान) के इंसान को नुक़सान पहुँचाने के 6 दरजात हैं: (1) पहले मरहले (चरण) में वह इंसान को कुफ़्र व शिर्क में मुलव्विस (शामिल) करने पर मेहनत करता है, अगर इसमें उसे कामयाबी मिल जाए...