عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: مَا مِنْ رَجُلٍ يَسْلُكُ طَرِيقًا يَطْلُبُ فِيهِ عِلْمًا إِلَّا سَهَّلَ اللَّهُ لَهُ بِهِ طَرِيقَ الْجَنَّةِ، وَمَنْ أَبْطَأَ بِهِ عَمَلُهُ لَمْ يُسْرِعْ بِهِ نَسَبُهُ(ابو داؤد: ۳۶۴۳)
अनुवाद
हज़रत अबू हुरैरा (रज़ि.) का बयान है, रसूलल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया: "जो कोई इल्म हासिल करने के लिए किसी राह पर चलता है तो अल्लाह तआला उसकी वजह से उसके लिए जन्नत का रास्ता आसान फ़रमा देता है। और जिसे उसके अमल ने पीछे रखा उसका नसब उसे आगे नहीं बढ़ा सकता।"