हदीस अल-रसूल ﷺ

عَنْ حُذَيْفَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ ، أَنّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ إِذَا قَامَ لِلتَّهَجُّدِ مِنَ اللَّيْلِ يَشُوصُ فَاهُ بِالسِّوَاكِ(بُخاری:۱۱۳۶)
अनुवाद
नबी करीम (ﷺ) जब रात में तहज्जुद के लिए खड़े होते तो पहले अपना मुँह मिस्वाक से ख़ूब साफ़ करते।
मेरे आदरणीय पिता का घरेलू और पारिवारिक जीवन
लेख

मेरे आदरणीय पिता का घरेलू और पारिवारिक जीवन

लेखक: मौलाना मोहम्मद सईद पालनपुरी शिक्षक: जामिया अल-इमाम मोहम्मद अनवर शाह कश्मीरी, देवबंद मेरे आदरणीय पिता हज़रत मौलाना मुफ़्ती सईद अहमद साहब पालनपुरी, पूर्व शेख-उल-हदीस और सदरुल मुदर्रिसीन (प्रधान शिक्षक) दारुल उलूम देवबंद की वफ़ात (देहांत) के बाद से इस लेख को लिखने के समय तक लेख लिखने का सिल...

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