हदीस अल-रसूल ﷺ

عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ كَانَ حَالِفًا فَلَا يَحْلِفْ إِلَّا بِاللَّهِ وَكَانَتْ قُرَيْشٌ تَحْلِفُ بِآبَائِهَا فَقَالَ لَا تَحْلِفُوا بِآبَائِكُمْ(نسائی:۳۷۹۵)
अनुवाद
हज़रत इब्ने उमर (रज़ि.) से रिवायत है कि रसूलल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया: "जो शख़्स क़सम खाना चाहे वह अल्लाह तआला के सिवा किसी की क़सम न खाए।" क़ुरैश अपने आबा-ओ-अजदाद की क़समें खाया करते थे, लिहाज़ा आपने फ़रमाया: "अपने आबा-ओ-अजदाद की क़समें न खाया करो।"
छोटे बच्चों से झूठ बोलना – हदीस की रोशनी में एक सबक़
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छोटे बच्चों से झूठ बोलना – हदीस की रोशनी में एक सबक़

नबी-ए-अकरम (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने छोटे बच्चों के साथ भी झूठ बोलने से मना फ़रमाया है। चुनांचे, हज़रत अब्दुल्लाह बिन आमिर (रज़ियल्लाहु अन्हु) फ़रमाते हैं कि आनहज़रत (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) हमारे मकान में तशरीफ़ फ़रमा थे, मेरी वालिदा (माँ) ने (मेरी तरफ़ बंद मुट्ठी बढ़ाकर) कहा: "यहाँ आओ! मैं त...

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