عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ كَانَ حَالِفًا فَلَا يَحْلِفْ إِلَّا بِاللَّهِ وَكَانَتْ قُرَيْشٌ تَحْلِفُ بِآبَائِهَا فَقَالَ لَا تَحْلِفُوا بِآبَائِكُمْ(نسائی:۳۷۹۵)
अनुवाद
हज़रत इब्ने उमर (रज़ि.) से रिवायत है कि रसूलल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया: "जो शख़्स क़सम खाना चाहे वह अल्लाह तआला के सिवा किसी की क़सम न खाए।" क़ुरैश अपने आबा-ओ-अजदाद की क़समें खाया करते थे, लिहाज़ा आपने फ़रमाया: "अपने आबा-ओ-अजदाद की क़समें न खाया करो।"