हदीस अल-रसूल ﷺ

حَدَّثَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ، ‏‏‏‏‏‏عَنْ أَبِيهِ، ‏‏‏‏‏‏قَالَ:‏‏‏‏ لَعَنَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ آكِلَ الرِّبَا، ‏‏‏‏‏‏وَمُؤْكِلَهُ، ‏‏‏‏‏‏وَشَاهِدَهُ، ‏‏‏‏‏‏وَكَاتِبَهُ (ابو داؤد: ۳۳۳۳)
अनुवाद
हज़रत अब्दुल्लाह बिन मसूद (रज़ियल्लाहु अन्हु) बयान करते हैं: अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने सूद (ब्याज़) खाने वाले, खिलाने (देने) वाले, उसके गवाहों और उसे लिखने वाले (सब) पर लानत फ़रमाई है।
हज़रत रिब'ई बिन आमिर (रज़ि.) की रुस्तम से ईमान अफ़रोज़ गुफ़्तगू 🔸
लेख

हज़रत रिब'ई बिन आमिर (रज़ि.) की रुस्तम से ईमान अफ़रोज़ गुफ़्तगू 🔸

हज़रत खालिद बिन वलीद (रज़ि.) की इमारत व सरकर्दगी में एक लश्कर ईरानियों से मुक़ाबले के लिए गया, ईरानी लश्कर का सिपहसालार मशहूर ज़माना पहलवान और बहादुर ''रुस्तम'' था। हज़रत खालिद बिन वलीद (रज़ि.) ने रुस्तम की दरख्वास्त पर हज़रत रिब'ई बिन आमिर (रज़ि.) को उससे बातचीत के लिए भेजा। ईरानियों ने रुस्तम का द...