हज़रत इब्ने उमर (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) कभी पैदल और कभी सवार होकर मस्जिद-ए-क़ुबा तशरीफ़ ले जाया करते थे।
एक राजा ने ऐलान कर रखा था कि जो कोई भी अच्छी और हिकमत (बुद्धिमत्ता) की बात कहेगा, उसे चार सौ दीनार (सोने के सिक्के) दिए जाएंगे...!!!!
एक दिन राजा अपनी प्रजा की देखभाल करने निकला। उसने देखा कि एक नब्बे साल की बूढ़ी औरत जैतून (ऑलिव) के पौधे लगा रही है। राजा ने कहा, "तुम पाँच-दस साल में मर जाओगी और...