बयान किया जाता है कि एसाम बिन यूसुफ, हज़रत हातिम असम्म रहमतुल्लाह अलैह की मजलिस में आए और उन पर आपत्ति (ऐतराज़) करना चाहा। अतः एसाम ने हातिम से कहा: "ऐ अबू अब्दुल रहमान!" (यह हातिम की कुन्नियत है) "आप नमाज़ किस तरह अदा करते हैं?" हातिम रहमतुल्लाह अलैह ने उनकी ओर मुतवज्जोह होकर फ़रमाया: "जब नमाज़ का...