साद बिन अबी वक़्क़ास (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि: अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने उस्मान बिन मज़ऊन (रज़ियल्लाहु अन्हु) की (तरफ़ से) निकाह को छोड़कर इबादत में मशगूल रहने (के इरादे) को रद्द फ़रमा दिया। अगर आप उन्हें इजाज़त दे देते तो हम सब ख़ुद को खस्सी कर लेते।
आपको दफ़नाकर वापस आते ही आपके परिजनों (घरवालों) का ध्यान रुख़सत होते हुए (जाने वाले) मेहमानों के खाने के बंदोबस्त की तरफ़ जाएगा कि उन्हें खाना खिलाकर रुख़सत करते हैं।
एक हफ़्ता गुज़रेगा, आपके बच्चों के स्कूल वापसी का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
दो हफ़्ते गुज़रेंगे, अफ़सोस (शोक) करने वालों का आना-जा...