हदीस अल-रसूल ﷺ

عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ آيَةُ الْمُنَافِقِ ثَلاَثٌ إِذَا حَدَّثَ كَذَبَ، وَإِذَا وَعَدَ أَخْلَفَ، وَإِذَا اؤْتُمِنَ خَانَ ‏"‏‏.(بُخاری شریف/۶۰۹۵)
अनुवाद
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया: "मुनाफ़िक़ की तीन निशानियाँ हैं: (१) जब बात करे तो झूठ बोले (२) जब वादा करे तो उसको पूरा न करे (३) जब उसको कोई अमानत सौंपी जाए तो उसमें ख़यानत करे।" (तुहफ़त-उल-क़ारी)
बहिश्ती जेवर और तालीम-उद-दीन के कुछ स्थानों का सुधार (संशोधन)
लेख

बहिश्ती जेवर और तालीम-उद-दीन के कुछ स्थानों का सुधार (संशोधन)

बहिश्ती जेवर और तालीम-उद-दीन के कुछ स्थानों का सुधार: (१) بہیستی زیور (बहिश्ती जेवर) में इशा के बाद चार सुन्नतें लिख दी गई हैं, सही यह है कि दो सुन्नत हैं और दो नफ़्ल। (२) بہیستی زیور (बहिश्ती जेवर) में अय्याम-ए-बीज़ (चाँद की तारीखों के रोज़े) १२, १३, १४ तारीखों को लिख दिया गया है, सही १३, १...

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