عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ، قَالَ: تُنْكَحُ النِّسَاءُ لِأَرْبَعٍ: لِمَالِهَا وَلِحَسَبِهَا وَلِجَمَالِهَا وَلِدِينِهَا، فَاظْفَرْ بِذَاتِ الدِّينِ تَرِبَتْ يَدَاكَ (ابو داؤد: ۲۰۴۷)
अनुवाद
हज़रत अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, नबी (ﷺ) ने फ़रमाया: "औरतों से चार बातों की बिना पर निकाह किया जाता है। उसके माल, हसब व नसब, हुस्न व जमाल और उसके दीन की बिना पर, पस तू दीनदार को इख्तियार कर, तेरे हाथ ख़ाक आलूद हों।"