हदीस अल-रसूल ﷺ

عَنْ أَبِي مُوسَى رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ ، قَالَ : قَالُوا : يَا رَسُولَ اللَّهِ ، أَيُّ الْإِسْلَامِ أَفْضَلُ ؟ قَالَ : مَنْ سَلِمَ الْمُسْلِمُونَ مِنْ لِسَانِهِ وَيَدِهِ (بُخاری شریف : ۱۱)
अनुवाद
लोगों ने पूछा या रसूलल्लाह! कौन सा इस्लाम अफ़ज़ल है? तो नबी (ﷺ) ने फ़रमाया वह जिसके मानने वाले मुसलमानों की ज़बान और हाथ से सारे मुसलमान सलामती में रहें।
एक माँ द्वारा हलाल और हराम का ख़ूबसूरत सबक़
लेख

एक माँ द्वारा हलाल और हराम का ख़ूबसूरत सबक़

यह कहानी डॉक्टर मोहम्मद रातिब अल-नाबुलसी की है जो वह अपनी माँ के बारे में बताते हैं। वह कहते हैं कि एक दिन जब वह छोटे थे, उनकी माँ ने उनसे पूछा: "क्या तुम शब्द 'हलाल' कह सकते हो बिना अपने होठों को बंद किए?" उन्होंने कोशिश की और कामयाबी के साथ शब्द 'हलाल' कह लिया बिना अपने होठों को बंद किए।...

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