हदीस अल-रसूल ﷺ

عَنْ ابْنِ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ، ‏‏‏‏‏‏قَالَ:‏‏‏‏ لَا تُقْبَلُ صَلَاةٌ بِغَيْرِ طُهُورٍ وَلَا صَدَقَةٌ مِنْ غُلُولٍ (ترمذی: ۱)
अनुवाद
हज़रत अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने फ़रमाया कि नबी अकरम (ﷺ) ने फ़रमाया: "नमाज़ बग़ैर वुज़ू के क़ुबूल नहीं की जाती और न सदक़ा हराम माल से क़ुबूल किया जाता है।"
आधुनिक सुख-सुविधाएं और राजा-महाराजा: कृतज्ञता का पाठ
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