عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ رَضِيَ اللهُ عَنْهُمَا، قَالَ: لَا تَعِبْ عَلَى مَنْ صَامَ، وَلَا عَلَى مَنْ أَفْطَرَ، قَدْ صَامَ رَسُولُ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي السَّفَرِ وَأَفْطَرَ(مسلم: ۱۱۱۳)
अनुवाद
हज़रत इब्न अब्बास (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) से रिवायत है कि उन्होंने कहा: उस पर ऐब न लगाओ जिसने (सफ़र में) रोज़ा रखा और न उस पर (ऐब लगाओ) जिसने रोज़ा छोड़ा, हक़ीक़तन रसूलल्लाह (ﷺ) ने सफ़र में कभी रोज़ा रखा, और (कभी) रोज़ा छोड़ा।