हदीस अल-रसूल ﷺ

وَعَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللهُ تَعَالَى عَنْهُ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللهُ تَعَالَى عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَجِدُوْنَ مِنْ خَيْرِ النَّاسِ أَشَدَّهُمْ كَرَاهِيَةً لِهَذَا الْأَمْرِ حَتَّى يَقَعَ فِيهِ (مُتَّفَقٌ عَلَيْهِ)(مشکوٰۃ المصابیح)
अनुवाद
हज़रत अबू हुरैरा (रज़ि.) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया कि: "तुम लोगों में सबसे बेहतर उन लोगों को पाओगे जो ओहदे को नापसंद करने में सबसे ज़्यादा सख़्त होंगे, यहाँ तक कि वह उसमें जा पड़ें।" (अल-रफ़ीक़ अल-फ़सीह)
मैं अपनी स्मृति में तुम्हारे बारे में सब कुछ भुला दूंगा।
लेख

मैं अपनी स्मृति में तुम्हारे बारे में सब कुछ भुला दूंगा।

हज़रत यह्या बिन मुआज़ रहमतुल्लाही अलैहि, जिनको हक़ायक़ व दक़ायक़ (आध्यात्मिक सच्चाइयों और बारीकियों) पर मुकम्मल दस्तरस (पूर्ण नियंत्रण) हासिल थी, और जिनके मुतअल्लिक़ (बारे में) कुछ बुज़ुर्गों का कहना है कि जिस तरह अम्बिया (पैगंबरों) में हज़रत यह्या बिन ज़करिया अलैहिमुस्सलाम का मक़ाम है, उसी तरह बुज़...

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