हदीस अल-रसूल ﷺ

عَنْ سَمُرَةَ رَضِيَ اللهُ عَنْهُ أَنَّ النَّبِيَّ ﷺ قَالَ: " اِلْبَسُوْا الثِّيَابَ البِيَضَ، فَإِنَّهَا أَطْهَرُ وَ أَطْيَبُ، وَ كَفِّنُوا فِيهَا مَوْتَاكُمُ . " (رواه أحمد والترمذي والنسائي وابن ماجه، مشكوة: ٣٧٤ / كتاب اللباس / الفصل الثاني)
अनुवाद
हज़रत समुरा (रज़ि.) से रिवायत है कि रहमत-ए-आलम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: "सफ़ेद कपड़े पहना करो, क्योंकि वह सफ़ाई और पाकीज़गी के एतबार से बेहतर होते हैं, और उन्हीं में अपने मुर्दों को कफ़नाया करो।"
नबुव्वत की हक़ीक़त: मौलाना शम्सुल हक़ अफ़ग़ानी का लाजवाब जवाब
लेख

नबुव्वत की हक़ीक़त: मौलाना शम्सुल हक़ अफ़ग़ानी का लाजवाब जवाब

मौलाना शम्सुल हक़ अफ़ग़ानी (रहमतुल्लाह अलैह) से एक क़ादियानी जज ने पूछा: "नबुव्वत (पैगंबरी) क्या चीज़ है?" मौलाना शम्सुल हक़ अफ़ग़ानी फ़रमाने लगे: "नबुव्वत एक आला (सर्वोच्च) मन्सब (पद) है, अल्लाह जल्ल शानुहू जिसे चाहे अता फ़रमा देता है।" क़ादियानी बोला: "जब इतना अच्छा मन्सब है तो इसे आम (सब...

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