हदीस अल-रसूल ﷺ

عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ جَعْفَرِ بْنِ أَبِي طَالِبٍ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ رَأَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَأْكُلُ الرُّطَبَ بِالْقِثَّاءِ(بُخاری شریف ۵۴۴۰)
अनुवाद
अब्दुल्लाह बिन जाफ़र (रज़ि.) कहते हैं: मैंने नबी (ﷺ) को ताज़ा खजूर को ककड़ी के साथ खाते देखा। (तुहफ़त-उल-क़ारी)
हासिद (ईर्ष्यालु) की सज़ा, आपका सब्र है
लेख

हासिद (ईर्ष्यालु) की सज़ा, आपका सब्र है

इमाम अबू हनीफ़ा (रहमतुल्लाही अलैहि) के वालिद साहब का इंतक़ाल हो गया। तीन दिन ताज़ियत (शोक) के लिए बैठे रहे, तीन दिन के बाद बाहर निकल कर चौक में आ गए। एक शख़्स आपका हासिद (ईर्ष्या करने वाला) था और सख़्त विरोधी था, सारा इलाक़ा जानता था कि वह आपका मुख़ालिफ़ (विरोधी) है। जब आप बाहर निकले तो चौक में बहुत...

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