हदीस अल-रसूल ﷺ

عَنِ ابْنِ عُمَرَ ـ رضى الله عنهما ـ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ عَدْوَى وَلاَ طِيَرَةَ، وَالشُّؤْمُ فِي ثَلاَثٍ فِي الْمَرْأَةِ، وَالدَّارِ، وَالدَّابَّةِ ‏(بُخاری شریف : ۵۷۵۳)
अनुवाद
एक की बीमारी दूसरे को नहीं लगती, और बदशगुनी जायज़ नहीं, और नामुबारकी तीन चीज़ों में है: औरत, घर और घोड़े में (हाँ फ़ाल यानी अच्छा शगुन लेना जायज़ है)। (तुहफ़त-उल-क़ारी)
मैं अपनी स्मृति में तुम्हारे बारे में सब कुछ भुला दूंगा।
लेख

मैं अपनी स्मृति में तुम्हारे बारे में सब कुछ भुला दूंगा।

हज़रत यह्या बिन मुआज़ रहमतुल्लाही अलैहि, जिनको हक़ायक़ व दक़ायक़ (आध्यात्मिक सच्चाइयों और बारीकियों) पर मुकम्मल दस्तरस (पूर्ण नियंत्रण) हासिल थी, और जिनके मुतअल्लिक़ (बारे में) कुछ बुज़ुर्गों का कहना है कि जिस तरह अम्बिया (पैगंबरों) में हज़रत यह्या बिन ज़करिया अलैहिमुस्सलाम का मक़ाम है, उसी तरह बुज़...

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