سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ، يَقُولُ : إِنَّمَا النَّاسُ كَالْإِبِلِ الْمِائَةِ لَا تَكَادُ تَجِدُ فِيهَا رَاحِلَةً .
अनुवाद
मैंने रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) से सुना, आनहज़रत (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया: "लोगों की मिसाल ऊँटों की सी है। सौ में से भी एक मुश्किल से सवारी के क़ाबिल मिलता है।" (किताब: बुख़ारी शरीफ़)