हदीस अल-रसूल ﷺ

سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ، يَقُولُ : إِنَّمَا النَّاسُ كَالْإِبِلِ الْمِائَةِ لَا تَكَادُ تَجِدُ فِيهَا رَاحِلَةً .
अनुवाद
मैंने रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) से सुना, आनहज़रत (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया: "लोगों की मिसाल ऊँटों की सी है। सौ में से भी एक मुश्किल से सवारी के क़ाबिल मिलता है।" (किताब: बुख़ारी शरीफ़)
रिश्तेदारी तोड़ने (क़ता-ए-रहमी) का अज़ाब (अल-ज़वाज़िर का एक वाक़िया)
लेख

रिश्तेदारी तोड़ने (क़ता-ए-रहमी) का अज़ाब (अल-ज़वाज़िर का एक वाक़िया)

अल्लामा इब्न-ए-हजर हैतमी रहमतुल्लाही अलैहि की किताब है "अज़-ज़वाज़िर अन इक़्तिराफ़िल कबाइर"। इसमें उन्होंने एक वाक़िया लिखा है: एक शख़्स हज के इरादे से गया और जब हज करने लगा तो उसने मक्का में पूछा कि सबसे अमानतदार शख़्स कौन है? तो बतलाया गया कि फ़लाँ शख़्स है। तो वह उसके पास गया और अपने एक हज़ार दीन...

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