हदीस अल-रसूल ﷺ

سَمِعْتُ النُّعْمَانَ بْنَ بَشِيرٍ، ‏‏‏‏‏‏يَقُولُ:‏‏‏‏ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ:‏‏‏‏ اِعْدِلُوا بَيْنَ أَوْلَادِكُمْ، ‏‏‏‏‏‏اِعْدِلُوا بَيْنَ أَبْنَائِكُمْ(ابو داؤد شریف/حدیث نمبر: ۳۵۴۴)
अनुवाद
हज़रत नोमान बिन बशीर (रज़ि.) से सुना वह फ़रमाते थे कि आँहज़रत (ﷺ) ने इरशाद फ़रमाया तुम लोग अपनी औलाद के दरमियान मसावात क़ायम किया करो और अपने लड़कों में मसावात रखा करो। (अबू दाऊद मुतरजम/जि: 3)
ईमान कितनी बड़ी नेमत है
लेख

ईमान कितनी बड़ी नेमत है

हज़रत मौलाना पीर ज़ुल्फ़िकार अहमद नक़्शबंदी ने एक वाक़या सुनाया कि 1994 में जब समरक़ंद जाने का मौक़ा मिला, तो जामिया मस्जिद समरक़ंद में जुमा का ख़ुत्बा दिया। जुमा की नमाज़ के बाद कुछ नौजवान मेरे पास आए और कहने लगे, "हज़रत! आप हमारे घर तशरीफ़ ले चलें, हमारी वालिदा (माता जी) आपसे मिलना चाहती हैं।" मैं...

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