عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّؓ قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسلم: إِنَّ الدُّنْيَا حُلْوَةٌ خَضِرَةٌ وَإِنَّ اللَّهَ مُسْتَخْلِفُكُمْ فِيهَا فَيَنْظُرُ كَيْفَ تَعْمَلُونَ فَاتَّقُوا الدُّنْيَا وَاتَّقُوا النِّسَاءَ فَإِنَّ أَوَّلَ فِتْنَةِ بَنِي إِسْرَائِيلَ كَانَتْ فِي النِّسَاء - رَوَاهُ مُسلم (مشکوٰۃ المصابیح/کتاب النکاح)
अनुवाद
हज़रत अबू सईद ख़ुदरी (रज़ि.) से रिवायत है कि हज़रत रसूल अकरम (ﷺ) ने इरशाद फ़रमाया: कि बिला शुबा दुनिया मीठी और सरसब्ज़ है, और अल्लाह तआला ने तुम को इसमें ख़लीफ़ा बनाया है, इसलिए वह देखता है कि तुम कैसे अमल करते हो? तुम लोग दुनिया से मोहतात रहो और औरतों से भी मोहतात रहो, क्योंकि बनी इसराईल में सबसे पहला फ़ितना औरतों में आया था। (मुस्लिम शरीफ़) (अल-रफ़ीक़ अल-फ़सीह)