हदीस अल-रसूल ﷺ

عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَؓ عَنِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ : إِيَّاكُمْ وَالظَّنَّ فَإِنَّ الظَّنَّ أَكْذَبُ الْحَدِيثِ ، وَلَا تَحَسَّسُوا وَلَا تَجَسَّسُوا وَلَا تَحَاسَدُوا وَلَا تَدَابَرُوا وَلَا تَبَاغَضُوا وَكُونُوا عِبَادَ اللَّهِ إِخْوَانًا(بُخاری شریف:۶۰۶۴)
अनुवाद
नबी (ﷺ) ने फ़रमाया: गुमान बाँधने से बचो, इसलिए कि गुमान सबसे बड़ा झूठ है! और टोह मत लगाओ (ख़बरें मालूम मत करो) और खोद-कुरेद मत करो (सुराग़ मत लगाओ) और बाहम दुश्मनी मत रखो (एक दूसरे से नफ़रत मत करो) और आपस में ताल्लुक़ ख़त्म मत करो (एक दूसरे के दुश्मन मत बन जाओ) और अल्लाह के बंदे भाई-भाई बनकर रहो (तुहफ़त-उल-क़ारी)।
ये हालात बदलते क्यों नहीं?
लेख

ये हालात बदलते क्यों नहीं?

मुही-उस-सुन्नत हज़रत शाह अबरार-उल-हक़ से कुछ लोगों ने शिकायत की कि मुसलमानों की परेशानियां दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही हैं, खानक़ाहों और मदरसों में दुआओं का खूब प्रबंध हो रहा है, अल्लाह वाले लगातार अल्लाह के हुज़ूर दुआएं कर रहे हैं, लेकिन मुसलमानों की परेशानियां बढ़ती ही जा रही हैं और हालात बद से बदतर...

ट्रेंडिंग न्यूज़

सभी समाचार