हदीस अल-रसूल ﷺ

عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا ، قَالَ : قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ : خَمِّرُوا الْآنِيَةَ ، وَأَجِيفُوا الْأَبْوَابَ ، وَأَطْفِئُوا الْمَصَابِيحَ ، فَإِنَّ الْفُوَيْسِقَةَ رُبَّمَا جَرَّتِ الْفَتِيلَةَ ، فَأَحْرَقَتْ أَهْلَ الْبَيْتِ (بُخاری شریف : ۶۲۹۵)
अनुवाद
अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने फरमाया: बर्तन को ढक दो, और दरवाज़ों को बंद कर दो, और चिराग़ों को बुझा दो, इसलिए कि छोटा शरारती (चूहा) कभी बत्ती घसीटता है, जिससे घर वालों को जला देता है (तुहफ़त-उल-क़ारी)।
इल्म का मंशूर: शरियत के विद्यार्थियों (तलबा) के लिए महत्वपूर्ण और इब्रतनाक नसीहतें (भाग दो)
लेख

इल्म का मंशूर: शरियत के विद्यार्थियों (तलबा) के लिए महत्वपूर्ण और इब्रतनाक नसीहतें (भाग दो)

बिस्मिल्लाह; रब्बी यस्सिर व अ'इन! (अल्लाह के नाम से; ऐ मेरे रब, आसानी फ़रमा और मदद कर!) नोट: इस मंशूर (घोषणापत्र) के मुखातिब (संबोधित लोग) सिर्फ उलूमे शरीयत (इस्लामी शास्त्र के ज्ञान) के तलबा (विद्यार्थी) हैं। इल्मे शरई (धार्मिक ज्ञान) को अल्लाह तआला ने 'कौले थक़ील' (एक भारी बात) क़रार दिया है। य...

ट्रेंडिंग न्यूज़

सभी समाचार