हदीस अल-रसूल ﷺ

أَنَّ أُبَيَّ بْنَ كَعْبٍ أَخْبَرَهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ : إِنَّ مِنَ الشِّعْرِ حِكْمَةً(بُخاری شریف:۴۱۴۵)
अनुवाद
हज़रत उबय्य बिन कअब ने बयान किया कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि बाज़ अशआर हिकमत हैं (हिकमत से भरे होते हैं)। (नस्रुल बारी)
पड़ोसियों का सम्मान और बेमिसाल सादगी:
लेख

पड़ोसियों का सम्मान और बेमिसाल सादगी:

हज़रत मौलाना सैयद असग़र हुसैन रहिमतुल्लाह अलैह (जो अपने मिलने वालों में हज़रत मियां साहब के नाम से मशहूर थे) दारुल उलूम देवबंद के उन उस्तादों में से थे जो शोहरत और नाम-ओ-नमूद (دکھاوے) से हमेशा कोसों दूर रहे। उन्होंने जीवन भर इस्लामी उलूम (ज्ञान) की तदरीस (शिक्षण) की सेवा की और हज़ारों छात्रों को अपन...

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