हदीस अल-रसूल ﷺ

قَالَتْ عَائِشَةُ : صَنَعَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ شَيْئًا فَرَخَّصَ فِيهِ ، فَتَنَزَّهَ عَنْهُ قَوْمٌ ، فَبَلَغَ ذَلِكَ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَخَطَبَ فَحَمِدَ اللَّهَ ، ثُمَّ قَالَ : مَا بَالُ أَقْوَامٍ يَتَنَزَّهُونَ عَنِ الشَّيْءِ أَصْنَعُهُ ، فَوَاللَّهِ إِنِّي لَأَعْلَمُهُمْ بِاللَّهِ وَأَشَدُّهُمْ لَهُ خَشْيَةً (بُخاری شریف:۶۱۰۱)
अनुवाद
सिद्दीक़ा रज़ियल्लाहु अन्हा फरमाती हैं: नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कोई काम किया, पस (अपने अमल से) उसकी इजाज़त बयान की, मगर इससे कुछ लोग दूर रहे, यह बात नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को पहुँची तो आपने खिताब फरमाया, अल्लाह की तारीफ की फिर फरमाया: "कुछ लोगों को क्या हो गया है कि वह उस चीज़ से दूर रहते हैं जो मैं करता हूँ! पस बखुदा! मैं उनसे ज़्यादा अल्लाह तआला को जानता हूँ, और उनसे ज़्यादा अल्लाह तआला से डरता हूँ।" (तुहफ़तुल क़ारी)
महिला का स्थान: इस्लाम से पहले और बाद में
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महिला का स्थान: इस्लाम से पहले और बाद में

यूनानी कहते हैं कि औरत सांप से ज़्यादा ख़तरनाक है। सुक़रात का कहना था कि औरत से ज़्यादा और कोई चीज़ दुनिया में फ़ित्ना व फ़साद (अराजकता और अशांति) की नहीं। बोना विट्टियर का क़ौल है कि औरत उस बिच्छू की मानिंद (तरह) है जो डंक मारने पर तुला रहता है। युहन्ना (जॉन) का क़ौल है कि औरत शर (बुराई) की ब...

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