हदीस अल-रसूल ﷺ

عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، ‏‏‏‏‏‏عَنِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ:‏‏‏‏ أَنَّهُ لَعَنَ الْمُتَشَبِّهَاتِ مِنَ النِّسَاءِ بِالرِّجَالِ ‏‏‏‏‏‏وَالْمُتَشَبِّهِينَ مِنَ الرِّجَالِ بِالنِّسَاءِ(سنن ابو داؤد: ۴۰۹۷/باب فی لباس النساء)
अनुवाद
हज़रत इब्ने अब्बास (रज़ियल्लाहु तआला अन्हुमा) से रिवायत है कि हज़रत रसूल करीम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने मर्दों से मुशाबहत इख़्तियार करने वाली ख़वातीन पर और ख़वातीन के साथ मुशाबहत इख़्तियार करने वाले मर्दों पर लानत फ़रमाई। (सुनन अबू दाऊद मुतरजिम/जिल्द:३/सफ़्हा:२५७)
नबी करीम ﷺ की तर्बियत का हिकमत भरा तरीक़ा
लेख

नबी करीम ﷺ की तर्बियत का हिकमत भरा तरीक़ा

नबी करीम ﷺ की तर्बियत का एक तरीक़ा यह था कि पहले ग़लती का एहसास दिलाते थे, फिर नसीहत फ़रमाते थे। एक मर्तबा आप सहाबा इकराम की मजलिस में तशरीफ़ फ़रमा थे, एक नौजवान मस्जिद में दाख़िल हुआ और इधर-उधर देखने लगा, गोया किसी की तलाश में है। उसे रसूलुल्लाह ﷺ दिखाई दिए, वह आपकी तरफ़ आया और कहने लगा, "या रसूलुल...

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