हदीस अल-रसूल ﷺ

حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَإِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ إِسْحَقُ أَخْبَرَنَا و قَالَ عُثْمَانُ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَبِي سُفْيَانَ عَنْ جَابِرٍ قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِنَّ عَرْشَ إِبْلِيسَ عَلَى الْبَحْرِ فَيَبْعَثُ سَرَايَاهُ فَيَفْتِنُونَ النَّاسَ فَأَعْظَمُهُمْ عِنْدَهُ أَعْظَمُهُمْ فِتْنَةً(مسلم شریف:۲۸۱۳)
अनुवाद
हज़रत जाबिर (रज़ियल्लाहु तआला अन्हु) से मरवी है कि मैंने नबी करीम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) से सुना: "इबलीस का तख़्त समुंदर पर होता है। पस वह अपने लश्करों को भेजता है ताकि वह लोगों को फ़ितने में डालें। पस उन लश्कर वालों में से उसके नज़दीक बड़े मक़ाम वाला वही होता है जो उनमें सबसे ज़्यादा फ़ितना डालने वाला हो।" (तफ़हीम-उल-मुस्लिम)
सहाबा इकराम (रज़ि.) के हुब्बे-नबी (नबी से मोहब्बत) की एक ख़ास दलील
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सहाबा इकराम (रज़ि.) के हुब्बे-नबी (नबी से मोहब्बत) की एक ख़ास दलील

हम में से किसी भी इंसान की जवानी जब ढलने लगती है और वह अधेड़ उम्र की तरफ बढ़ने लगता है, तो अमूमन बाल सफ़ेद होने शुरू होते हैं। जब बाल सफ़ेद होना अभी शुरू ही हुए हों, तब अगर किसी इंसान से पूछा जाए कि आपके बदन में कितने बाल सफ़ेद हैं? तो बहुत मुश्किल है कि वह गिनती के साथ बता सके कि इतने बाल सफ़ेद हुए...

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