हज़रत अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु तआला अन्हु) से मरवी है कि नबी करीम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया: "अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने इरशाद फ़रमाया: 'मेरी रहमत मेरे ग़ुस्सा से आगे बढ़ गई है।'" (तफ़हीम-उल-मुस्लिम)
आज पूरी दुनिया में मुसलमानों पर आफ़ात और मुसीबतें उमड़-उमड़ कर आ रही हैं। अगर इसकी वजह यह बताई जाए तो गलत न होगा कि यह मुसीबत बुराइयों, बेपर्दगी, अजनबी पुरुषों का अजनबी महिलाओं से मेलजोल और दीन (धर्म) में नए-नए खुराफातों के दाखिले का नतीजा है। यह यहूदियों के नापाक मंसूबे हैं कि मुसलमानों के अंदर से...