عَنْ جُنْدُبِ بْنِ سُفْيَانَ، قَالَ: دَمِيَتْ إِصْبَعُ رَسُولِ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي بَعْضِ تِلْكَ الْمَشَاهِدِ، فَقَالَ: هَلْ أَنْتِ إِلَّا إِصْبَعٌ دَمِيتِ، وَفِي سَبِيلِ اللهِ مَا لَقِيتِ(کتاب الجہاد)
अनुवाद
सहाबी-ए-रसूल हज़रत जुन्दब बिन सुफ़ियान (रज़ियल्लाहु तआला अन्हु) से रिवायत है कि उन जंगों में से किसी जंग में रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की उंगली मुबारक ख़ून आलूद हो गई तो आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया: "तू एक उंगली है जो ख़ून आलूद हो गई है और तू ने जो शिद्दत उठाई है, वह अल्लाह की राह में उठाई है।" (तफ़हीम-उल-मुस्लिम)