عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ، قَالَ: إِنْ كَانَ فِي شَيْءٍ مِمَّا تَدَاوَيْتُمْ بِهِ خَيْرٌ فَالْحِجَامَةُ (ابو داؤد : ۳۸۵۷)
अनुवाद
हज़रत अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु तआला अन्हु) से मरवी है, हज़रत नबी करीम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया: "अगर तुम लोगों की तमाम दवाओं में कोई दवा बेहतर है तो वह हिजामत यानी सींगी लगवाना है।" (अबू दाऊद शरीफ़ - मुतरजिम)