हदीस अल-रसूल ﷺ

عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللهُ عَنْهُ أَنَّ رَسُولَ اللهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ كُلُّ أُمَّتِي يَدْخُلُونَ الْجَنَّةَ اِلَّامَنُ أَبَى قِيلَ : وَمَنْ يَابِى يَا رَسُولَ اللَّهِ؟ قَالَ مَنْ أَطَاعَنِي دَخَلَ الْجَنَّةَ وَمَنْ عَصَانِي فَقَدُ اَبَى . (رَوَاهُ الْبُخَارِيُّ .)
अनुवाद
हज़रत अबू हुरैरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया कि "मेरी उम्मत के तमाम लोग जन्नत में दाख़िल होंगे, सिवाय उसके जो इनकार करे।" कहा गया: "या रसूलल्लाह, कौन है जो इनकार करेगा?" आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया: "जिसने मेरी इताअत की वह जन्नत में दाख़िल हुआ और जिसने मेरी नाफ़रमानी की उसने इनकार किया।" (बुख़ारी, तरीक़त-उस-सालिहीन जिल्द:१ / सफ़्हा:३००)
ईसाई धर्म का सांस्कृतिक आक्रमण!!
लेख

ईसाई धर्म का सांस्कृतिक आक्रमण!!

जब तक ईसाई धर्म राजनीति से तालमेल में नहीं था, तब तक दुनिया की हर कौम (राष्ट्र) का अपना एक अलग पहनावा होता था। अब भी जहाँ-जहाँ ईसाई धर्म किसी कौम की राजनीति पर असरअंदाज़ नहीं हुआ है, वहाँ अब भी उस कौम का अपना एक विशिष्ट राष्ट्रीय पहनावा है। जिन देशों में ईसाई धर्म राजनीति के साथ मिलकर पहुँचा, वहा...

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