हदीस अल-रसूल ﷺ

أَنَّ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا ، حَدَّثَتْهُ أَنّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَمْ يَكُنْ يَتْرُكُ فِي بَيْتِهِ شَيْئًا فِيهِ تَصَالِيبُ إِلَّا نَقَضَهُ(بُخاری شریف:۵۹۵۲)
अनुवाद
इमरान बिन हित्तान से रिवायत है कि उनसे हज़रत आइशा (रज़ियल्लाहु अन्हा) ने हदीस बयान की कि नबी अकरम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) को अपने घर में जब भी कोई चीज़ ऐसी मिलती जिसमें तस्वीरें होतीं तो आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) उसे तोड़ देते थे। (नस्र-उल-बारी)
झूठी उम्मीद और अधूरे वादे का घातक अंजाम
लेख

झूठी उम्मीद और अधूरे वादे का घातक अंजाम

एक आदमी कई रातें सख्त सर्दी में आराम से सोता रहा। एक दिन किसी राहगीर ने गुजरते हुए उससे कहा: "मैं तुम्हें एक गर्म रज़ाई लाकर दूंगा"!! वह राहगीर अपनी मंज़िल को चला गया और रज़ाई लाने का वादा भूल गया, बूढ़ा आदमी उसका इंतज़ार करते हुए सर्दी से मर गया। लोगों को उसकी लाश के पास एक लिखा हुआ पर्चा (नोट)...

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