سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَلَا أُخْبِرُكُمْ عَنْ الدَّجَّالِ حَدِيثًا مَا حَدَّثَهُ نَبِيٌّ قَوْمَهُ إِنَّهُ أَعْوَرُ وَإِنَّهُ يَجِيءُ مَعَهُ مِثْلُ الْجَنَّةِ وَالنَّارِ فَالَّتِي يَقُولُ إِنَّهَا الْجَنَّةُ هِيَ النَّارُ وَإِنِّي أَنْذَرْتُكُمْ بِهِ كَمَا أَنْذَرَ بِهِ نُوحٌ قَوْمَهُ(مسلم شریف:۲۹۳۶)
अनुवाद
हज़रत अबू हुरैरा (रज़ि.) से रिवायत है कि रसूल अल्लाह (ﷺ) ने इर्शाद फ़रमाया: क्या मैं तुम्हें दज्जाल के बारे में ऐसी ख़बर न दूँ जो किसी नबी ने अपनी क़ौम को नहीं दी। बेशक वह काना होगा और वह जन्नत और दोज़ख़ की मिस्ल लेकर आएगा। पस जिसे वह जन्नत कहेगा वह जहन्नम होगी और मैं तुम्हें उससे इसी तरह डराता हूँ जैसा कि नूह अलैहिस्सलाम ने उससे अपनी क़ौम को डराया। (तफ़हीमुल मुस्लिम)