बाल या नाखून जलाना या बेचना
नाखून या बाल वगैरह को जलाना या ऐसे स्थान पर जहाँ उनका अपमान और अनादर हो, मसलन शौचालय (बैतुल खला) वगैरह में डालना या बेचना जायज़ नहीं है, क्योंकि बाल और नाखून इंसानी अंगों का हिस्सा हैं और इंसान का हर हिस्सा सम्मानित और आदरणीय है, लिहाज़ा बाल और नाखून को दफ़्न कर देना चाहिए। (अहम मसाइल/जि:२/पृ:२११)