मुहक्कक मसाला

इक़ामत के जवाब का तरीक़ा

जिस तरह ज़बान से अज़ान का जवाब देना मुस्तहब है, उसी तरह इक़ामत का जवाब देना भी मुस्तहब है। मुकब्बिर जो कलमा कहे, जवाब देने वाला भी वही कलमा कहे, अलबत्ता "हय्या अलस-सलाह" और "हय्या अलल-फ़लाह" में "ला हौला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह" कहे, और "क़द क़ामतिस-सलाह" के जवाब में "अक़ामहल्लाहु व अदामहा" कहे। हम सबको इसका ख़ास एहतेमाम करना चाहिए, न यह कि इक़ामत के वक़्त इधर-उधर की बातों में मशग़ूल हों। (अहम मसाइल/जि:६/पृ:५२)

आधुनिक सुख-सुविधाएं और राजा-महाराजा: कृतज्ञता का पाठ
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