क़ब्र में उतारने के बाद मय्यित का चेहरा देखना
नमाज़े जनाज़ा के बाद मय्यित का चेहरा देखना दुरुस्त है, अलबत्ता क़ब्र में उतारने के बाद लोगों को मय्यित का चेहरा नहीं देखना चाहिए, इसलिए कि बसा औक़ात आसार-ए-बरज़ख़ शुरू हो जाते हैं, जिन्हें छिपाना मक़सूद है। (अहम मसाइल/जि:७/पृ:१११)