मुहक्कक मसाला

दाढ़ी की तौहीन कुफ़्र है

किसी अदना सुन्नत की तौहीन और उसका मज़ाक़ उड़ाना कुफ़्र है, तो दाढ़ी (जिसका रखना वाजिब और शआइरे-इस्लाम में से है) की तौहीन, मसलन यूँ कहना, दाढ़ी रखना शैतान का काम है, या दाढ़ी वाले झूठ बोलते हैं, या दाढ़ी गालों पर कूड़ा और जंगल है, या यह कहे कि दाढ़ी बकरी की दुम है, बदरजा-ए-औला कुफ़्र होगा। (अहम मसाइल/जि:१/पृ:१४८)

अल्लाह की मर्ज़ी अल्लाह ही जाने: एक इबरतअंगेज़ वाक़या
लेख

अल्लाह की मर्ज़ी अल्लाह ही जाने: एक इबरतअंगेज़ वाक़या

सामान से लदा हुआ एक बहरी जहाज़ (समुद्री जहाज़) महवे-सफ़र था कि तेज़ हवाओं की वजह से वह उलटने लगा। क़रीब था कि जहाज़ डूब जाता, उसमें मौजूद ताज़िरों (व्यापारियों) ने कहा कि बोझ हल्का करने के लिए कुछ सामान समंदर बुर्द (समुद्र में डालना) करते हैं। ताज़िरों ने मशविरा करके तय किया कि सबसे ज़्यादा सामान जि...