दाढ़ी की तौहीन कुफ़्र है
किसी अदना सुन्नत की तौहीन और उसका मज़ाक़ उड़ाना कुफ़्र है, तो दाढ़ी (जिसका रखना वाजिब और शआइरे-इस्लाम में से है) की तौहीन, मसलन यूँ कहना, दाढ़ी रखना शैतान का काम है, या दाढ़ी वाले झूठ बोलते हैं, या दाढ़ी गालों पर कूड़ा और जंगल है, या यह कहे कि दाढ़ी बकरी की दुम है, बदरजा-ए-औला कुफ़्र होगा। (अहम मसाइल/जि:१/पृ:१४८)