रोज़े की हालत में इंजेक्शन
इंजेक्शन के ज़रिए जो दवा रगों (नसों) या गोश्त (मांसपेशियों) में पहुँचाई जाती है, चाहे उससे सिर्फ़ दवा की ज़रूरत पूरी की जाए या ग़िज़ा (पोषण) की, रोज़ा उससे नहीं टूटता है। अलबत्ता रोज़े की हालत में ग़िज़ाई (पोषण) ज़रूरत पूरी करने और तक़वियत (ताक़त) के लिए बिना ज़रूरत इंजेक्शन लेना मकरूह है। (अहम मसाइल/जि:१/पृ:१०१)