मुहक्कक मसाला

रोज़े की हालत में ग्लूकोज़ चढ़ाना

ग्लूकोज़ चढ़ाने से रोज़ा नहीं टूटता, अलबत्ता चूँकि यह एक दर्जे में इंसान की ग़िज़ाई (पोषण) ज़रूरत को भी पूरी करता है, इसलिए बिना उज़्र के ग्लूकोज़ चढ़ाना मकरूह है। (अहम मसाइल/जि:१/पृ:१०२)

कहानी के दो पहलू। 🎭
लेख

कहानी के दो पहलू। 🎭

1956 में अमेरिका में एक समुद्री जहाज़ तेल लेकर जा रहा था। यह जहाज़ अचानक अपने रूट से हटा, समुद्र में मौजूद एक चट्टान से टकराया और पाश-पाश (चकनाचूर) हो गया। हादसे के बाद जहाज़ के कप्तान को गिरफ़्तार कर लिया गया और उससे हादसे की वजह पूछी गई। कप्तान ने बताया कि वह जहाज़ के डेक पर खड़ा था। आसमान बिल्कुल...