रोज़ेदार के लिए विक्स या बाम का इस्तेमाल।
रोज़े की हालत में विक्स (Vicks) या बाम (Balm) लगाना या सूंघना रोज़े को फ़ासिद (ख़राब) नहीं करेगा, क्योंकि फ़साद-ए-सौम (रोज़ा टूटने) के लिए मनाफ़िज़-ए-अस्लीया (प्राकृतिक छिद्रों) से किसी चीज़ का जौफ़-ए-मैदा (पेट के आंतरिक भाग) या दिमाग़ में दाख़िल होना शर्त है, जबकि विक्स या बाम लगाने या सूंघने में यह शर्त नहीं पाई जाती है। (अहम मसाइल/जि:४/पृ:९८)