मुहक्कक मसाला

रोज़ेदार का नाक में दवा डालना।

रोज़े की हालत में नाक में दवा डालने से रोज़ा फ़ासिद हो जाता है, क्योंकि नाक में किसी शय (चीज़) के मैदे (पेट) तक पहुँचने की गुज़रगाह (रास्ता) मौजूद है, इसी वजह से बहालत-ए-रोज़ा इस्तिनशाक़ (नाक में पानी चढ़ाने) में मुबालग़ा करने से मना किया गया है, लिहाज़ा रोज़े की हालत में नाक में दवा डालने से परहेज़ किया जाए। (अहम मसाइल/जि:४/पृ:९५)

आज़माइशों के पीछे छिपी ईश्वरीय हिकमत: मौलाना रूमी का एक ख़ूबसूरत सबक़
लेख

आज़माइशों के पीछे छिपी ईश्वरीय हिकमत: मौलाना रूमी का एक ख़ूबसूरत सबक़

एक दिन मौलाना रूमी (रहमतुल्लाह अलैह) अपने घर तशरीफ़ ले गए और देखा कि उनका बेटा उदास बैठा है। उन्होंने दरयाफ़्त किया (पूछा) कि "बेटा, उदास क्यों हो?" तो बेटे ने जवाब दिया, "कुछ नहीं।" इस पर मौलाना रूमी (रहमतुल्लाह अलैह) बाहर गए और एक भेड़िये की खाल ओढ़कर आए और डराने के लिए गुर्राने लगे। इस पर उनका...

ट्रेंडिंग न्यूज़

सभी समाचार