मुहक्कक मसाला

मुसाफ़िर को सफ़र में इफ़्तार (रोज़ा न रखने) की रुख़सत।

रमज़ान शरीफ़ के अंदर सफ़र की हालत में इस नीयत से रोज़ा क़ज़ा कर देना कि रमज़ान के बाद क़ज़ा का रोज़ा रख लिया जाएगा तो यह जाइज़ है, बशर्ते कि सफ़र, सफ़र-ए-शरई की मुसाफ़त (दूरी) पर हो, लेकिन अगर ज़्यादा मुशक़्क़त न हो तो रोज़ा रखना ही अफ़ज़ल है। (किताब-उन-नवाज़िल/जि:६/पृ:३३७)

छोटे बच्चों से झूठ बोलना – हदीस की रोशनी में एक सबक़
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छोटे बच्चों से झूठ बोलना – हदीस की रोशनी में एक सबक़

नबी-ए-अकरम (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने छोटे बच्चों के साथ भी झूठ बोलने से मना फ़रमाया है। चुनांचे, हज़रत अब्दुल्लाह बिन आमिर (रज़ियल्लाहु अन्हु) फ़रमाते हैं कि आनहज़रत (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) हमारे मकान में तशरीफ़ फ़रमा थे, मेरी वालिदा (माँ) ने (मेरी तरफ़ बंद मुट्ठी बढ़ाकर) कहा: "यहाँ आओ! मैं त...

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