मुहक्कक मसाला

नमाज़े ईदैन का मसनून तरीक़ा।

ईद का मसनून तरीक़ा यह है कि सबसे पहले यह नियत करें कि मैं क़िब्ला रुख़ हो कर इस इमाम के पीछे दो रकअत वाजिब नमाज़ अदा कर रहा हूँ, जिसमें छः ज़ायद (अतिरिक्त) वाजिब तकबीरें भी हैं, दिल से मज़कूरा नियत करने के बाद तकबीरे तहरीमा कह कर हाथ बाँध लें, सना पढ़ें, इसके बाद दोनों हाथ उठाते हुए मामूली ठहराव (फ़स्ल) के साथ तीन मर्तबा तकबीर कहें, पहली दो तकबीरों के बाद हाथ छोड़ते रहें और तीसरी तकबीर के बाद हाथ बाँध लें। इसके बाद फ़ातिहा और सूरत मिलाएँ, फिर रुकूअ-सज्दा कर के रकअत मुकम्मल कर लें। दूसरी रकअत में सबसे पहले फ़ातिहा व सूरत पढ़ने के बाद रुकूअ में न जाएँ बल्कि तीन मर्तबा हाथ उठा कर तीन तकबीरें कहें और दरमियान में हाथ न बाँधें, इसके बाद बिना हाथ उठाए तकबीर कह कर रुकूअ में चले जाएँ और बक़िया नमाज़ हस्बे मामूल पूरी करें। (किताबुन नवाज़िल / जिल्द: 5 / सफ़हा: 320)

सीरत-उन-नबी ﷺ पर उपयोगी पुस्तकें
लेख

सीरत-उन-नबी ﷺ पर उपयोगी पुस्तकें

हज़ूर-ए-अकरम ﷺ की सीरत-ए-मुबारका पर अरबी भाषा में निम्नलिखित पुस्तकों से लाभ उठाया जा सकता है: 1: अस-सीरत अन-नबविय्याह: दो खंडों (जिल्दों) में चार भागों पर आधारित यह अब्दुल मलिक बिन हिशाम अल-हिमयरी (मृत्यु: 833 हिजरी) की है, जो इब्न इसहाक़ की 'अल-मग़ाज़ी व अस-सियर' के क्रम (तरतीब) से लिखी गई है।...

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