मुहक्कक मसाला

दूसरे गाँव वालों का नमाज़े जनाज़ा पढ़ कर मय्यत को दफ़न करना।

मय्यत पर नमाज़े जनाज़ा पढ़ना फ़र्ज़े किफ़ाया है, लिहाज़ा अगर मय्यत के पड़ोस और गाँव वाले मय्यत के कफ़न-दफ़न में शरीक न हो सकें और दूसरे गाँव के तीन, चार, पाँच, दस आदमियों ने मिलकर नमाज़े जनाज़ा पढ़ कर दफ़न कर दिया है तो यह दुरुस्त है, इसमें कोई क़बाहत नहीं है। (किताबुन नवाज़िल / जिल्द: 6 / सफ़हा: 126)

दृष्टिकोण का सबक़: उस्ताद, शागिर्द और सेब की कहानी
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दृष्टिकोण का सबक़: उस्ताद, शागिर्द और सेब की कहानी

शागिर्द (छात्र) ग़ौर से सुन रहा था। उस्ताद (शिक्षक) ने पूछा, "अगर मैं तुम्हें एक सेब, और एक सेब, और एक सेब दूँ, तो तुम्हारे पास कितने सेब हो जाएंगे?" शागिर्द ने बिना किसी झिझक के जवाब दिया, "4।" उस्ताद को लगा कि शायद शागिर्द सवाल ठीक से समझ नहीं पाया। उस्ताद ने इत्मीनान से दोबारा पूछा... "देखो...

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