मुहक्कक मसाला

क़ैलूलह का हुक्म -

दोपहर में खाना खाने के बाद थोड़ी देर आराम करने को क़ैलूलह कहते हैं। इसके लिए नींद आना ज़रूरी नहीं, और क़ैलूलह करना सुन्नत है, इससे रात की इबादत में मदद मिलती है। एक हदीस में है कि "क़ैलूलह किया करो; इसलिए कि शैतान क़ैलूलह नहीं करता।" (किताबुन नवाज़िल / जिल्द: 15 / सफ़हा: 294)

ये हालात बदलते क्यों नहीं?
लेख

ये हालात बदलते क्यों नहीं?

मुही-उस-सुन्नत हज़रत शाह अबरार-उल-हक़ से कुछ लोगों ने शिकायत की कि मुसलमानों की परेशानियां दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही हैं, खानक़ाहों और मदरसों में दुआओं का खूब प्रबंध हो रहा है, अल्लाह वाले लगातार अल्लाह के हुज़ूर दुआएं कर रहे हैं, लेकिन मुसलमानों की परेशानियां बढ़ती ही जा रही हैं और हालात बद से बदतर...

ट्रेंडिंग न्यूज़

सभी समाचार