मुहक्कक मसाला

पत्नी को पति की अनुमति के बिना घर से बाहर कहीं नहीं जाना चाहिए; अलबत्ता पति के लिए यह उचित है कि वह रिवाज़ (प्रथा) और सुविधा के अनुसार समय-समय पर पत्नी को उसके माता-पिता से मिलने का अवसर दिया करे, चाहे मायके भेजकर या माता-पिता को अपने घर बुलाकर। इसी तरह पत्नी के क़रीबी रिश्तेदारों से कभी-कभार होने वाली मुलाक़ात में भी पति को रुकावट नहीं डालनी चाहिए; ताकि अच्छे व्यवहार (हुस्न-ए-मुआशरत) का प्रदर्शन हो और वैवाहिक जीवन आपसी विश्वास के साथ गुज़रे। (किताबुन नवाज़िल/खंड: 15/पृष्ठ: 157)

हज़रत यूसुफ़ और मूसा: क़ुरआनी मुवाज़ना और तदब्बुर
लेख

हज़रत यूसुफ़ और मूसा: क़ुरआनी मुवाज़ना और तदब्बुर

जब हज़रत यूसुफ़ को कुएँ में डाला गया तो हज़रत मूसा को भी पानी में डाला गया। हज़रत यूसुफ़ मिस्र में थे तो हज़रत मूसा भी मिस्र में थे। हज़रत यूसुफ़ ने महल में ज़िंदगी गुज़ारी तो हज़रत मूसा ने भी फ़िरऔन के महल में परवरिश पाई। हज़रत यूसुफ़ को उठाने वालों की भी औलाद नहीं थी और हज़रत मूसा को उठान...

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