मुहक्कक मसाला

मय्यत के पैर इमाम के दाईं तरफ़ करके नमाज़-ए-जनाज़ा पढ़ना?

अगर बेख़बरी (अनजाने) में मय्यत की नमाज़-ए-जनाज़ा इस तरह पढ़ी गई कि उसके पैर इमाम के दाईं तरफ़ और सिर बाईं तरफ़ था, तो नमाज़ बिना किसी कराहत के दुरुस्त हो गई; अलबत्ता जानबूझकर ऐसा करना सख़्त मकरूह है, लेकिन फिर भी नमाज़-ए-जनाज़ा दुरुस्त हो जाएगी, दोहराने की ज़रूरत न होगी। (किताबुन नवाज़िल / जिल्द: 6 / सफ़हा: 142)

राजा, वज़ीर और तीन सवाल
लेख

राजा, वज़ीर और तीन सवाल

एक मर्तबा एक बादशाह ने अपने वज़ीर को आधी सल्तनत देने को कहा, लेकिन साथ में कुछ शर्तें भी आयद (लागू) कीं। वज़ीर ने लालच में आकर शर्तें जानने की दरख़्वास्त की। बादशाह ने शर्तें ३ सवालों की सूरत में बताईं। सवाल नंबर (१): दुनिया की सबसे बड़ी सच्चाई क्या है? सवाल नंबर (२): दुनिया का सबसे बड़ा धोखा...

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